तौफीक की मड़ैया में महिला के घर से सात लाख के जेवर चोरी, बाढ़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अमृतपुर
गंगा और रामगंगा की बाढ़ से जूझ रहे ग्रामीणों को प्रशासन लगातार सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों में पहुंचाने में जुटा है, लेकिन पीछे छूट रहे उनके घरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। थाना अमृतपुर क्षेत्र के तौफीक की मड़ैया में एक ग्रामीण महिला के घर को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए करीब सात लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दहशत का माहौल है।पीड़िता शीला पत्नी राजेंद्र ने बताया कि वह शनिवार रात करीब एक बजे बरामदे में सो रही थीं। इसी दौरान उनकी आंख खुली और वह बाथरूम के लिए चली गईं। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटीं तो कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे में रखा बक्सा बरामदे में लाया गया था और उसका ताला टूटा हुआ था। सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था तथा कीमती जेवर गायब थे।पीड़िता के अनुसार चोर बक्से में रखी एक जोड़ी सोने की झुमकियां, एक जोड़ी चांदी की पायल और करीब पांच तोले वजन की सोने की जंजीर समेत अन्य आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी गए जेवरों की कुल कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई जा रही है।
शीला ने बताया कि उनकी मां कुछ समय पहले कोलकाता से उनके पास रहने आई थीं। चोरी हुए आभूषणों में कुछ जेवर उनकी मां द्वारा दिए गए थे। घटना के समय उनके पति राजेंद्र रिश्तेदारी में कमालगंज गए हुए थे। ऐसे में घर में महिला के अकेले होने का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।बाढ़ की विभीषिका के चलते पहले से ही ग्रामीण अपने घरों और सामान को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों में पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में जब लोग अपनी जान और परिवार की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं, पीछे छूटे घरों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के समय पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए क्षेत्र में गश्त करती नजर आती हैं, लेकिन इसके बावजूद चोरी की घटना हो जाना पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष रात्रि गश्त, संवेदनशील घरों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी ने बताया कि डायल 112 के माध्यम से चोरी की सूचना प्राप्त हुई है। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलते ही मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हुई इस चोरी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने के दौरान उनके घरों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ राहत और बचाव के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


