लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.53 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 47.45 करोड़ रुपये वसूल
लखनऊ, 12 सितंबर। जनसामान्य को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह की उपस्थिति में पुराना उच्च न्यायालय स्थित मीडियेशन सेंटर में दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 3,53,510 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 47,45,12,392 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
कार्यक्रम में अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, न्यायिक अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, बैंकों के पदाधिकारी, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक, नामिका अधिवक्ता और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया।
लोक अदालत के दौरान वादकारियों की सुविधा और जनहित को देखते हुए न्यायालय परिसर में हेल्थ कैंप, आधार कैंप और विभिन्न प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया गया। आदर्श कारागार के बंदियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के तहत लगाए गए स्टॉल का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने का आह्वान किया। उन्होंने लोक अदालत को आमजन को शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बताया।
लखनऊ जनपद न्यायालय के साथ मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय परिसर, वाणिज्यिक न्यायालय, भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, कलेक्ट्रेट और सभी तहसीलों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई।
न्यायालयों में लंबित मामलों में विभिन्न न्यायालयों द्वारा करीब 27,218 मामलों, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 285, वाणिज्यिक न्यायालय के 59, एनआई एक्ट के 1,110 और पारिवारिक न्यायालय के 259 मामलों समेत कुल 29,031 लंबित वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 38,05,32,021 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व से संबंधित 1,02,085 मामलों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संबंधित 2,01,158 मामलों, नगर निगम लखनऊ के 18,892 मामलों, बैंक रिकवरी, फाइनेंस कंपनियों और बीएसएनएल से संबंधित 2,069 मामलों, प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों के 56 मामलों समेत कुल 3,23,337 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 9,39,80,371 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
इस तरह लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन स्तर के कुल करीब 3,53,510 मामलों का निस्तारण करते हुए 47,45,12,392 रुपये की धनराशि वसूल की गई। बड़ी संख्या में मामलों के सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण से वादकारियों को त्वरित और सुलभ न्याय मिला, वहीं न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिली।


