रूपांशी की मौत की रंजिश में हमले का आरोप, पांच नामजद और तीन अज्ञात पर प्राथमिकी; ट्रॉमा सेंटर में भर्ती समरेंद्र की हालत खतरे से बाहर
लखनऊ। ढेंढेमऊ में एलआईसी एजेंट समरेंद्र को गोली मारने के मामले में पांच नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि रूपांशी की मौत को लेकर चली आ रही रंजिश में समरेंद्र को निशाना बनाया गया। गोली समरेंद्र के चेहरे के बाएं हिस्से में लगी थी। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रूपांशी की मौत के लिए उसका परिवार समरेंद्र को जिम्मेदार मानता था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते समरेंद्र पर जानलेवा हमला किया गया।
मामले में रूपांशी के नाबालिग भाई और अभय पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा अन्य लोगों की भूमिका भी बताई गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कुल आठ लोगों—पांच नामजद और तीन अज्ञात—के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि समरेंद्र द्वारा सुधीर को जेल से छुड़ाने के लिए पैरवी किए जाने को लेकर भी आरोपी पक्ष नाराज था। पुलिस अब पुरानी रंजिश, रूपांशी की मौत से जुड़े घटनाक्रम और सुधीर की पैरवी समेत सभी पहलुओं को जोड़कर वारदात की वजह तलाश रही है।
हमले में गोली समरेंद्र के चेहरे के बाएं हिस्से में लगी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है और फिलहाल हालत खतरे से बाहर है।
पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच के साथ तीन अज्ञात आरोपियों की पहचान में जुटी है। घटना से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


