फतेहपुर: दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग (Delhi-Howrah railway line) पर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सीमांचल एक्सप्रेस (Seemanchal Express) के स्लीपर कोच की इमर्जेंसी खिड़की से गिरकर 9 माह के मासूम कनिष्क की मौत हो गई। घटना के 23 घंटे बाद शनिवार दोपहर फैजुल्लाहपुर स्टेशन के पास ट्रैक (tracks) किनारे झाड़ियों से उसका शव बरामद किया गया।
दिल्ली के पालमगांव (सीतापुरी) में किराए पर रहने वाले पिता मोहन कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी काजल और 9 माह के बेटे कनिष्क के साथ आनंद विहार से सीमांचल एक्सप्रेस (कोच एस-1, सीट 61 और 64) के जरिए बिहार के बेगूसराय स्थित अपने पैतृक गांव सलौना जा रहे थे। शुक्रवार शाम करीब 4:17 बजे जब ट्रेन फैजुल्लाहपुर स्टेशन के पास पहुंची, तब बच्चा मां के साथ बीच की सीट पर लेटा था, मां उसे दूध पिलाने के बाद सो गई थी। पिता मोहन कुमार उस समय शौचालय गए हुए थे। लौटने पर जब बच्चा सीट पर नहीं दिखा तो उन्होंने तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
परिजनों का आरोप है कि जंगल का इलाका होने का हवाला देकर आरपीएफ के एस्कॉर्ट और अन्य यात्रियों ने चेन पुलिंग करने से मना कर दिया और कहा कि यहां कोई मदद नहीं मिल सकेगी। प्रयागराज स्टेशन पहुंचकर जीआरपी को सूचना दी गई, जिसके बाद फतेहपुर जीआरपी प्रभारी विनोद कुमार और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजिंद्र कुमार ने रातभर सर्च अभियान चलाया। आखिरकार शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे बच्चे का शव ट्रैक के पास झाड़ियों से बरामद हुआ।
रेलवे पुलिस ने बताया कि रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि यदि ट्रैक के किनारे झाड़ियां और जलभराव न होता, तो बच्चे का शव और पहले मिल सकता था, तीन साल बाद घर लौट रहे परिवार की इस अचानक हुई त्रासदी से हर कोई स्तब्ध है।


