फर्रुखाबाद। जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेश तथा जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी जी.पी. गुप्ता के पर्यवेक्षण में विभागीय टीमों द्वारा संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार दबिश और शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत गुरुवार को आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 कुमार गौरव सिंह ने आबकारी स्टाफ के साथ संदिग्ध ग्राम नेकपुर चौरासी में दबिश दी। आबकारी टीम की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया। दबिश के दौरान टीम ने मौके से 12 लीटर अवैध कच्ची शराब तथा करीब 160 किलोग्राम लहन बरामद किया। बरामद लहन को टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। मामले में आबकारी अधिनियम की सुसंगत धारा के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया है।
आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई के साथ ही ग्रामीणों को अवैध शराब के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया। लोगों से अपील की गई कि वे अवैध मदिरा का सेवन न करें और यदि क्षेत्र में कहीं अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या भंडारण होने की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें।
इसके साथ ही आबकारी टीम ने विभिन्न आबकारी अनुज्ञापन स्थलों का भी औचक निरीक्षण किया। टीम ने देशी शराब दुकान नेकपुर चौरासी, बढ़पुर, कम्पोजिट दुकान बढ़पुर तथा मॉडल शॉप आवास विकास की जांच की। निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध शराब के स्टॉक का अभिलेखों से मिलान किया गया। स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, पीओएस मशीन से होने वाली बिक्री तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की भी जांच की गई। देशी शराब की दुकानों से जुड़ी कैंटीनों की भी सघन जांच की गई।
आबकारी अधिकारियों ने अनुज्ञापियों को निर्देश दिए कि दुकान से संबंधित सभी अभिलेख अद्यतन रखे जाएं तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि दुकानों पर उपलब्ध मदिरा और अभिलेखों में किसी प्रकार का अंतर अथवा अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवेदनशील और संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार दबिश और जांच की कार्रवाई की जाएगी।


