– 21 किलोमीटर सड़क की स्थिति पर अदालत ने जताई नाराजगी
– 14 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश
लखनऊ। गोंडा जिले में करीब 21 किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सड़क की खराब हालत से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को 14 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उन्हें अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
मामला गोंडा में लगभग 21 किलोमीटर लंबी सड़क की खराब स्थिति से जुड़ा है। सड़क की बदहाली को लेकर न्यायालय में मामला पहुंचने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और सड़क की स्थिति पर सवाल उठे हैं। अदालत इस मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब और कार्रवाई की स्थिति जानना चाहती है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को 14 सितंबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मामले से संबंधित जानकारी और विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की स्थिति बतानी होगी।
अदालत के इस आदेश को सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट के सख्त रुख से यह स्पष्ट है कि सड़क की खराब स्थिति और उससे जुड़े प्रशासनिक पहलुओं को लेकर विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है।
अब सबकी नजर 14 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर है, जिसमें पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।


