– मसेनी चौराहे पर अभी और चलेगी छापेमारी, आवास विकास मे भी तैयारी
फर्रुखाबाद। जिले में मानकों को दरकिनार कर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मसेनी चौराहा क्षेत्र में छापेमारी कर दो नर्सिंग होम पर कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मच गया है, वहीं आवास विकास कालोनी मे कई अस्पताल रडार पर हैं, ज़ो डॉ राममनोहर लोहिया अस्पताल का फ़ायदा उठा अपने मानक विहीन अस्पताल संचालित किये हैं ।
जांच के दौरान अनभी हॉस्पिटल को अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर सील कर दिया गया। वहीं फीनिक्स हॉस्पिटल में भी प्रशासन ने कार्रवाई की। यहां पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने की बात सामने आने पर अस्पताल के डॉक्टर कक्ष को सील कर दिया गया।
फीनिक्स हॉस्पिटल में पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायत/जांच को प्रशासन ने गंभीरता से लिया था । स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्सकीय योग्यता और निर्धारित मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि अब ऐसे संस्थानों की गतिविधियों पर सीधे निगरानी रखी जा रही है।
अस्पताल के पंजीकरण को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। फीनिक्स हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब अभियान को और व्यापक करने के संकेत दिए हैं। कई अन्य नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्र भी प्रशासन के रडार पर बताए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं, कई पैथोलॉजी सेंटर और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गतिविधियों पर भी प्रशासन की नजर है। इनके पंजीकरण, निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय स्टाफ, जांच सुविधाओं और संचालन व्यवस्था की जांच की जा सकती है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की सख्ती है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर नियमों से खिलवाड़ और मरीजों की जिंदगी के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना मानक या आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था के संचालित संस्थानों पर कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।
मसेनी चौराहे की कार्रवाई को इसी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें उन अस्पतालों, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर हैं, जो प्रशासन के रडार पर हैं।
डीएम की सख्ती से स्वास्थ्य कारोबार में खलबली है।


