फर्रुखाबाद, 08 सितंबर। बारिश और उमस के बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे डायरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। यह बात नगरीय स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज की चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजली गोस्वामी ने मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं को डायरिया नियंत्रण और रोकथाम के लिए तैयार किए गए सांप-सीढ़ी खेल के पोस्टर प्रदान करते हुए कही।
डॉ. अंजली गोस्वामी ने कहा कि यदि बच्चे को दिन में दो से तीन बार पानी जैसी पतली दस्त हो तो शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। ऐसी स्थिति में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दी जाने वाली जिंक की गोली और ओआरएस का सेवन बच्चे को बताई गई मात्रा के अनुसार कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी आशा कार्यकर्ता या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि डायरिया की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक करने में सांप-सीढ़ी खेल का यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है। क्षेत्रीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित बैठकों में इस खेल के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों को डायरिया से बचाव के जरूरी उपाय सरल और रोचक तरीके से समझाए जा सकेंगे।
डॉ. अंजली ने कहा कि जागरूकता के साथ साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल और समय पर उचित देखभाल पर ध्यान देना भी जरूरी है। डायरिया के दौरान बच्चे को पर्याप्त मात्रा में ओआरएस देने से शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका लोगों तक इन जरूरी संदेशों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण है।
इस मौके पर आशा कार्यकर्ताओं ने डायरिया की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करने में पूरा सहयोग देने की शपथ ली। बैठक में पीएसआई इंडिया के अनुपम मिश्र, गावी से अरफत अंसारी, लैब टेक्नीशियन आदर्श सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


