अमैयापुर पुलिया पर एक माह भी नहीं टिक सके संकेतक चिन्ह, एसडीएम के निर्देश भी हवा में; ग्रामीण बोले—बाढ़ में कैसे सुरक्षित होगा आवागमन
संवाददाता अमृतपुर
अमृतपुर फर्रुखाबाद
राजपुर-गुंडेरा संपर्क मार्ग स्थित अमैयापुर पुलिया पर सुरक्षा के लिए लगाए गए संकेतक चिन्ह भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोल रहे हैं। करीब एक माह पहले लगाए गए सुरक्षा संकेतक चिन्ह जमीन पर गिर पड़े हैं। कई संकेतक उखड़े पड़े हैं, जबकि कुछ बाढ़ के पानी में बहने की कगार पर हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब बाढ़ से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों की सुरक्षा कैसे होगी?ग्रामीणों के मुताबिक सुरक्षा संकेतक चिन्ह लगाए जाने के कुछ ही समय बाद उनके कमजोर होने की शिकायत उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू से की गई थी। बताया गया था कि बाढ़ आने से पहले सभी संकेतक चिन्हों को दुरुस्त करा दिया जाएगा, लेकिन बाढ़ दस्तक दे चुकी है और अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।खास बात यह है कि पूर्व में एसडीएम श्वेता साहू ने अमैयापुर पुलिया का निरीक्षण भी किया था। उस दौरान भी कई संकेतक चिन्ह हिलते हुए और उखड़े पड़े दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद इन्हें मजबूत कराने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा संकेतक चिन्हों को जमीन में पर्याप्त गहराई तक खोदकर मजबूती से लगाने के बजाय महज ऊपर-ऊपर से खड़ा कर दिया गया। यही वजह है कि मामूली पानी और हल्के दबाव में ही ये धराशायी हो गए। सूत्रों के अनुसार यह कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कराया गया था। यदि यह सही है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान अमैयापुर पुलिया से होकर निकलना पहले ही जोखिम भरा रहता है। ऐसे समय में सुरक्षा संकेतक ही राहगीरों को पुलिया की स्थिति और खतरे का अंदाजा देते हैं। यदि बचे हुए संकेतक भी पानी में बह गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान खामियां अधिकारियों के सामने थीं, फिर भी समय रहते उन्हें क्यों नहीं ठीक कराया गया? क्या जिम्मेदारों को किसी हादसे का इंतजार है? ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर घटिया कार्य कराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई और सभी सुरक्षा संकेतकों को तत्काल मजबूत कराने की मांग की है।


