प्रांतीय कार्यसमिति में संगठन विस्तार का खाका तैयार, दहेज-मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान का निर्णय
कानपुर। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में रविवार को समाज को संगठित और मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। सरदार पटेल सेवा संस्थान, विराट नगर में हुई बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों ने शिक्षा, संगठन, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाने पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शैलेन्द्र पटेल ने की। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी सीएल गंगवार रहे। पूर्व विधायक एवं संरक्षक राधेश्याम पटेल, प्रदेश महासचिव योगेन्द्र सचान, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी अवधेश निरंजन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजीत सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य महिला डॉ. स्नेहलता उमराव समेत प्रदेश और विभिन्न जनपदों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद सभागार में सरदार पटेल के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में विभिन्न जनपदों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
कानपुर नगर में 105 आजीवन सदस्य बनाए जाने, पांच वार्ड समितियों के गठन, स्मारिका प्रकाशन, महिला समिति के गृह उद्योग तथा युवा समिति की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
लखीमपुर-खीरी में पांच आजीवन सदस्य बनने और 15 सदस्यता फार्म प्रक्रिया में होने की जानकारी दी गई।
बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर रहा। पदाधिकारियों ने दहेज प्रथा और मृत्यु भोज का खुलकर विरोध करने का आह्वान किया।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के प्रोफेसर डॉ. सीपी सिंह गंगवार ने शिक्षा को सामाजिक उन्नति की कुंजी बताते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य महिला डॉ. स्नेहलता उमराव ने कहा कि समाज के विकास के लिए आधी आबादी को साथ लेकर चलना जरूरी है।
साथ ही युवाओं को संगठन से जोड़ने और वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव का लाभ लेने पर जोर दिया।
पूर्व विधायक एवं संरक्षक राधेश्याम पटेल ने कहा कि समाज के युवाओं और महिलाओं को राजनीति में भी आगे आना चाहिए।
प्रदेश महासचिव योगेन्द्र सचान ने पदाधिकारियों के दायित्व और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए प्रदेश और जिला इकाइयों में बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
निर्णय लिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष प्रत्येक माह जिलों के लिए एजेंडा जारी करेंगे और जिला इकाइयां महीने के अंत में अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। समाज के लोगों के साथ होने वाली घटनाओं पर संबंधित जिला इकाइयों को शासन-प्रशासन को ज्ञापन देने के निर्देश भी दिए गए।
इटावा से आए राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंजीनियर अजय वर्मा ने महासभा की वेबसाइट www.abkkm.co.in के संचालन का प्रशिक्षण दिया। वेबसाइट के माध्यम से प्रत्येक जनपद अपनी गतिविधियां सीधे अपलोड कर सकेगा। बैठक में 38 लोगों के पंजीकरण की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि सीएल गंगवार ने कहा कि अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा 132 वर्ष पुराना संगठन है। कई पीढ़ियों ने मिलकर इसे मजबूत किया है और अब वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि संगठन को और विस्तार दे।
प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शैलेन्द्र पटेल ने कहा कि नवंबर 2026 में प्रदेश अधिवेशन आयोजित कराने की तैयारी है। इसके लिए पूर्वांचल को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है। 13 सितंबर को देवरिया में होने वाले कार्यक्रम के दौरान अधिवेशन के आयोजन की संभावनाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज का कोई व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा हो, उसकी मदद करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। समाज के सक्षम लोगों से सामाजिक संस्थानों के निर्माण में सहयोग देने की अपील भी की गई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शैलेन्द्र पटेल ने प्रयागराज के श्री रामनाथ पटेल को प्रदेश संगठन सचिव तथा श्री अनिल कुमार सिंह को गोरखपुर का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया। दोनों को मनोनयन पत्र सौंपा गया।
प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. श्रीकांत वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह के पहले शनिवार को रात आठ बजे जूम बैठक होगी। प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की इसमें भागीदारी अनिवार्य होगी। लगातार तीन माह तक बिना उचित कारण बैठक से अनुपस्थित रहने पर संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष पटेल कैलाश उमराव और प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. श्रीकांत वर्मा ने किया।


