लखनऊ: देशभर के 16 शिक्षकों को शिव नाडर फाउंडेशन–ऑक्सफोर्ड सईद इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 का विजेता चुना गया है। इस अवार्ड को पाने वाले उत्कृष्ट शिक्षकों में अंग्रेजी भाषा के लिए पुरकाजी, सहारनपुर के राजकीय इंटर कालेज की साक्षी देशवाल और डीपीएस कानपुर की सुपर्णा मिश्रा भी शामिल रहीं। गणित में भगवती बिष्ट, आर्मी पब्लिक स्कूल, नोएडा, उत्तर प्रदेश को पुरस्कृत किया गया।
पुरस्कार के पहले संस्करण में देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 9,400 से अधिक पंजीकरण मिले थे। विजेताओं की घोषणा शुक्रवार को शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में की गई। देशभर से चुने गए 79 शिक्षकों ने जूरी के सामने अपनी शिक्षण पद्धतियों, कक्षा में किए गए नए प्रयोगों और विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव से जुड़े परिणाम प्रस्तुत किए।
यह पुरस्कार कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को आठ विषयों में दिया गया। पुरस्कार विजेता शिक्षकों में बिजनेस स्टडीज एवं एंटरप्रेन्योरशिप के लिए आरती भोकर, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नं. 1 गया, बिहार व एन.के. बागरोदिया पब्लिक स्कूल, द्वारका, नई दिल्ली की बरखा कौशिक शामिल रहीं। वहीं कंप्यूटर साइंस में केंद्रीय विद्यालय एसईसीएल झगराखंड, छत्तीसगढ़की इशिता पांडे के साथ जोविता प्रीति, एईसीएस मैग्नोलिया मारुति पब्लिक स्कूल, बेंगलुरु, कर्नाटक को चुना गया।
अर्थशास्त्र में रेखा राजन कृष्णकुमारी, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पट्टम, शिफ्ट 1, तिरुवनंतपुरम, केरल व वनिता कबरा, चिल्ड्रन्स एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई, महाराष्ट्र को चुना गया जबकि पर्यावरण विज्ञान में मीरा राठौड़, आर्मी पब्लिक स्कूल, जोधपुर, राजस्थान व वसुंधरा यादव, ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर, छत्तीसगढ़ का चयन हुआ। भूगोल में विनायक कोहली, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कोंडागांव, छत्तीसगढ़ और मीना करुप्पिया एस, महात्मा ग्लोबल गेटवे, मदुरै, तमिलनाडु के साथ गणित में भगवती बिष्ट, आर्मी पब्लिक स्कूल, नोएडा, उत्तर प्रदेश व एस. कृतिका गणेश, पद्मा शेषाद्रि बाला भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई, तमिलनाडु का चयन हुआ। भौतिक विज्ञान में श्रीराम एस, इलांगो अडिगल सरकारी विद्यालय, पुडुचेरी और वैष्णवी भावे, सोमलवार स्कूल निकोलस, नागपुर, महाराष्ट्र को चुना गया।
इस अवसर पर शिव नाडर फाउंडेशन के चेयरमैन शिखर मल्होत्रा ने कहा, “शिक्षक केवल कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाए जाने वाले विषयों तक सीमित नहीं होते। वे इस बात को भी प्रभावित करते हैं कि युवा कैसे सोचते हैं, सवाल करते हैं, समस्याओं का समाधान करते हैं और अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं। इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स के माध्यम से हम शिक्षकों के शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के जीवन पर उनके प्रभाव को पहचान देना चाहते थे।”


