काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के 11वें दिन भी राहत-बचाव अभियान जारी है। शनिवार को रेस्क्यू टीमों ने दो लोगों को जिंदा बचाकर बड़ी सफलता हासिल की। नुवाकोट में 64 वर्षीय महिला चंद्रिका श्रेष्ठ को घर के मलबे और मोटी कीचड़ के नीचे से सुरक्षित निकाला गया। वहीं, अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की करीब 225 मीटर लंबी सुरंग से एक चीनी नागरिक को जिंदा बाहर निकाला गया।
नुवाकोट में महिला घर के निचले हिस्से में कीचड़ में फंस गई थीं। रेस्क्यू टीम ने उन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। लंबे समय तक पानी और ठंडे वातावरण में रहने के कारण उनका शरीर काफी ठंडा हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेलिकॉप्टर से काठमांडू ले जाया गया।
दूसरी ओर, नेपाल सेना और दक्षिण कोरिया की आपदा विशेषज्ञ टीम ने भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद सुरंग में फंसे चीनी नागरिक को बाहर निकाला। उसे स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
नेपाल में करीब 12 जलविद्युत परियोजनाओं पर बचाव अभियान का विशेष जोर है। इन परियोजनाओं में काम करने वाले करीब 900 कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 500 लोगों के बड़ी सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की टीमें मलबे और सुरंगों में तलाश अभियान चला रही हैं।
नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ में अब तक 1344 लोगों की मौत हो चुकी है और 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से सड़कें और पुल भी बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भारत ने राहत अभियान तेज करते हुए सात विमानों से करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी है। 54 भारतीय विशेषज्ञ भी बचाव कार्य में जुटे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार 169 भारतीयों को नेपाल से सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अब भी लापता हैं।


