– राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के धीमे निस्तारण पर कार्रवाई
– चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार पर गिरी गाज
लखनऊ। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के बाद राजस्व परिषद ने कामकाज में लापरवाही और मामलों के धीमे निस्तारण को गंभीरता से लेते हुए चार तहसीलदारों समेत पांच राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार शामिल हैं। सभी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
राजस्व न्यायालयों में जमीन, नामांतरण, पैमाइश, विरासत और अन्य राजस्व विवादों से जुड़े बड़ी संख्या में मामले लंबित रहते हैं। इन मामलों के समय पर निस्तारण में देरी से आम लोगों को लंबे समय तक अधिकारियों और न्यायालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सरकार की समीक्षा में मामलों के निस्तारण की गति और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके बाद लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। अधिकारियों के प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी और निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पांच अधिकारियों के निलंबन को राजस्व विभाग के लिए सरकार की ओर से एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से वर्षों तक मुकदमों और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


