मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन के साथ जाने की तैयारी कर रहे विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष को पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया, संगठन ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
फर्रुखाबाद। गंगा पार क्षेत्र में हर साल बाढ़ और कटान से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने की कोशिश को पुलिस कार्रवाई के चलते झटका लगा। विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर जाने से रोक दिया। संगठन ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
विश्व हिंदू महासंघ की ओर से 3 सितंबर को मुख्यमंत्री के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में गंगा पार क्षेत्र की बाढ़ एवं कटान की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई थी। संगठन ने क्षेत्र में मजबूत तटबंध निर्माण को मंजूरी देकर जल्द कार्य शुरू कराने, बाढ़ से प्रभावित किसानों व ग्रामीणों की क्षति का निष्पक्ष सर्वे कराने और पात्र लोगों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई थी। इसके साथ ही आवागमन की समस्या दूर करने के लिए सड़कों, पुलों और पुलियों की स्थायी व्यवस्था किए जाने पर भी जोर दिया गया।
संगठन का कहना है कि गंगा पार क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से बाढ़ और कटान की मार झेल रहे हैं। हर वर्ष खेतों में खड़ी फसल, मकान, पशुधन और आवागमन प्रभावित होता है। राहत एवं बचाव कार्य होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इसी को लेकर संगठन ग्रामीणों की समस्याओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहता था।
अरविंद शुक्ला को घर से बाहर निकलने से रोके जाने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ज्ञापन किसी विरोध या टकराव के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को शासन के समक्ष रखने के उद्देश्य से दिया जाना था। ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने जा रहे व्यक्ति को रोकने की कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।


