94.27 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंचा भारतीय मुद्रा, आरबीआई की पहल और विदेशी मुद्रा की बड़ी आमद से मिला सहारा
नई दिल्ली। भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर दो महीने से अधिक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 94.27 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंचा, जो 29 जून के बाद का सबसे मजबूत स्तर रहा। बुधवार को रुपया 94.98 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
कारोबार के दौरान रुपये में करीब 69 पैसे की मजबूती दर्ज की गई। दिन के अंत में रुपया लगभग 94.49 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो करीब 10 सप्ताह का उच्चतम बंद स्तर है।
रुपये की मजबूती की प्रमुख वजह भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष विदेशी मुद्रा योजनाओं के माध्यम से देश में हुई बड़ी डॉलर आमद को माना जा रहा है। 31 अगस्त तक करीब 136.4 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई गई, जो बाजार के अनुमान से काफी अधिक है।
इसमें विदेशी अनिवासी बैंक जमा योजना के जरिए करीब 127.23 अरब डॉलर, विदेश से लिए गए विदेशी मुद्रा ऋण से 5.26 अरब डॉलर और बाहरी वाणिज्यिक उधारी से 3.89 अरब डॉलर आए। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये को सहारा मिला है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक की विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय भूमिका ने भी रुपये को मजबूती देने में मदद की है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और भारत में विदेशी पूंजी के बढ़ते प्रवाह ने भी रुपये के पक्ष में माहौल बनाया है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 729.3 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
हालांकि, विशेषज्ञों ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को रुपये के लिए संभावित चुनौती बताया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल डॉलर की मांग बढ़ाकर रुपये पर दबाव डाल सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर 94 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बनी हुई है। रुपये का इसके नीचे टिकना आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


