लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) भी संक्रमण हो गए हैं। पिछले चार-पांच दिनों से तेज बुखार, सर्दी और जुकाम की शिकायत के बाद अस्पताल में जांच कराई, जिसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। फिलहाल मंत्री की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनके आधिकारिक आवास पर ही इलाज चल रहा है। खबरों के मुताबिक, स्वाइन फ्लू से प्रदेश में अब तक तीन लोगों की मौत भी हो गई है।
मंत्री के संक्रमित होने के बीच प्रदेश में H1N1 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 685 हो गए हैं। राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि, मंत्री जयवीर सिंह की जांच रिपोर्ट में संक्रमण के लक्षण फिलहाल हल्के नजर आ रहे हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें आवास पर ही आइसोलेट किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और इलाज जारी है।
लखनऊ और आसपास के जिलों में मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के साथ जरूरी दवाओं, खासकर ओसल्टामिविर (टैमीफ्लू), की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से साफ करते रहने की अपील की है। बुखार, खांसी या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने और डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी गई है। फिलहाल पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का इलाज आवास पर जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। वहीं, प्रदेश में बढ़ते H1N1 मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं।
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक मौसमी इन्फ्लूएंजा है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और संक्रमित सतहों के संपर्क से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर और मांसपेशियों में दर्द तथा अत्यधिक थकान शामिल हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।


