बिंदकी में फर्जी फर्म के जरिए टैक्स चोरी का खुलासा, उन्नाव और कानपुर से पकड़े गए आरोपी
फतेहपुर। जिले के बिंदकी क्षेत्र में करीब 68 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। बिंदकी कोतवाली पुलिस ने फर्जी जीएसटी लेन-देन, फर्जी बिल और ई-वे बिल के जरिए टैक्स चोरी किए जाने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी उन्नाव और कानपुर से की गई।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरएस ट्रेडर्स नाम की फर्म के संबंध में जानकारी जुटाई गई, लेकिन मौके पर उसका वास्तविक अस्तित्व नहीं मिला। आरोप है कि फर्जी फर्म के नाम पर जीएसटी बिल और ई-वे बिल तैयार कर बड़े पैमाने पर लेन-देन दिखाया गया और इसी के जरिए सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप है। फर्जी दस्तावेजों और बिलों के जरिए जीएसटी व्यवस्था में गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिश की गई।
पुलिस ने इस मामले में अरविंद श्रीवास्तव, विवेक शुक्ला और दीपू गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में फर्जी फर्मों, जीएसटी लेन-देन और कथित टैक्स चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस के मुताबिक इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना संजय अग्रवाल बताया जा रहा है। पुलिस अब उसकी भूमिका और फर्जी फर्मों के नेटवर्क की जांच में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और फर्जी बिलिंग के जरिए कितने समय से कारोबार किया जा रहा था।
बिंदकी कोतवाली पुलिस की कार्रवाई के बाद जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क में खलबली मच गई है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए अन्य संदिग्धों की भूमिका और पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।


