27 C
Lucknow
Monday, August 31, 2026

बिना मानकों, बिना सुरक्षा के हो रहा उधरनपुर-श्रृंगीरामपुर संयोगिता मार्ग का निर्माण, खुली किनारी बनी मौत का गड्ढा

Must read

📍कमालगंज संवाददाता
ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण उधरनपुर से श्रृंगीरामपुर संपर्क मार्ग, जिसे संयोगिता मार्ग के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों निर्माण कार्य की लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर चर्चा में है। इस सड़क का निर्माण क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र सहारा है, लेकिन ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के कारण यह सड़क अब सुविधा के बजाय हादसे का कारण बनती जा रही है।
उधरनपुर से जरारी होते हुए रजीपुर तक संयोगिता मार्ग के दोनों किनारों पर गिट्टी और मिट्टी भराव का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके आगे रजीपुर से श्रृंगीरामपुर तक के हिस्से में पिछले कुछ दिनों से JCB मशीन द्वारा सड़क के किनारे की पुरानी मिट्टी को हटाकर नई किनारी खोलने का कार्य किया जा रहा है। आज यह कार्य रजीपुर से आगे सबलपुर गांव के आसपास किया गया, लेकिन कार्य की गति बेहद धीमी रही और मौके पर बहुत कम मजदूर ही दिखाई दिए।

सावन और रक्षाबंधन के बाद भी रफ्तार नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन माह में कांवड़ यात्रा और लगातार बारिश के कारण कार्य धीमा था, जिसे समझा जा सकता था। लेकिन लोगों को उम्मीद थी कि सावन समाप्त होने और रक्षाबंधन त्योहार के बाद काम में तेजी आएगी। इसके उलट रक्षाबंधन के बाद भी कार्य में कोई उल्लेखनीय तेजी नहीं आई है। दिन में एक-दो JCB चलती है और फिर बंद हो जाती है।

सबसे बड़ा खतरा – खोदी गई किनारी और बिना भराव के छोड़ा गया गड्ढा
इस निर्माण की सबसे बड़ी और खतरनाक लापरवाही यह है कि JCB से मिट्टी हटाकर जो लगभग डेढ़ से दो फीट गहरी और लंबी खाई जैसी किनारी बनाई जा रही है, उसको तुरंत भरने का काम नहीं हो रहा है। मानक प्रक्रिया यह है कि जैसे ही किनारी खोली जाए, उसी के साथ-साथ उसमें गिट्टी, मोरम और पत्थर डालकर उसे पैक कर दिया जाए ताकि सड़क किनारा मजबूत रहे और ट्रैफिक चलता रहे।

लेकिन यहां मिट्टी हटाने के बाद गड्ढे को कई दिनों तक ऐसे ही खुला छोड़ दिया जा रहा है। सड़क की चौड़ाई पहले से ही कम है और बगल में गहरा गड्ढा होने से दो पहिया वाहन, साइकिल, ई-रिक्शा और पैदल यात्रियों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। जरा सा संतुलन बिगड़ते ही वाहन सीधे गड्ढे में चला जाता है।

बिना संकेतक, बिना चेतावनी के मौत को दावत
हैरानी की बात यह है कि इतने खतरनाक कार्य स्थल पर सुरक्षा के कोई भी मानक पूरे नहीं किए गए हैं। मौके पर –
1. कार्य प्रगति पर है का कोई सूचना बोर्ड नहीं 2. धीरे चलें, सावधान का कोई संकेतक नहीं 3. कोई बैरिकेडिंग, रस्सी या बांस-बल्ली नहीं 4. रात में चमकने वाली कोई रिफ्लेक्टर टेप, लाल झंडी या लाइट नहीं
रात के अंधेरे में यह खुला गड्ढा दिखाई ही नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

तीन बाइक सवार गिरे, बड़ा हादसा टला
इसी लापरवाही के कारण मोटरसाइकिल सवार राहगीर इसी खुली किनारी में फिसलकर गिर चुके हैं। गनीमत रही कि गति कम होने के कारण उन्हें गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन उनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह खुला छोड़ दिया गया तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

क्या कहते हैं मानक?
लोक निर्माण विभाग के मानकों के अनुसार संपर्क मार्ग निर्माण में शोल्डर की मजबूती, किनारी की तुरंत भराई और कार्य स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य है। लेकिन संयोगिता मार्ग पर इनमें से किसी भी मानक का पालन नहीं हो रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, कार्य स्थल पर तत्काल सुरक्षा बोर्ड और संकेतक लगाए जाएं और खोदी गई किनारियों में तुरंत गिट्टी भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article