भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर
वॉशिंगटन/काराकस। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार पर बड़ी भूमिका मिलेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी डील बताया है। हालांकि समझौते की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं।
वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार है। 65 अरब बैरल भारत के करीब 40 साल के तेल आयात के बराबर है। भारत हर साल लगभग 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।
समझौते के तहत 17 तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित करने की योजना है, जिसमें 100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश किया जाएगा। साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन में अमेरिका को 55 प्रतिशत हिस्सा मिलने की बात कही गई है।
वेनेजुएला लंबे समय से आर्थिक संकट और निवेश की कमी से जूझ रहा है। नए निवेश से तेल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। वहीं भारत को भी वेनेजुएला से तेल खरीदने की अमेरिकी अनुमति मिल सकती है।
वेनेजुएला का उत्पादन बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है। हालांकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तत्काल असर पड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।


