हैदराबाद, सोनभद्र और नोएडा से कंपनी निदेशक, जीएम और प्रोजेक्ट मैनेजर गिरफ्तार
कानपुर देहात। 1320 मेगावाट के पावर प्लांट के नाम पर जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने हैदराबाद, सोनभद्र और नोएडा में एक साथ कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनियों के निदेशक, महाप्रबंधक और प्रोजेक्ट मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
जांच के दौरान सामने आया कि पावर प्लांट परियोजना के लिए अधिग्रहित/उपलब्ध कराई गई जमीन को संबंधित कंपनियों ने बैंकों के पास गिरवी रख दिया था। आरोप है कि इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।
एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से हिमावत कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) को गिरफ्तार किया। वहीं सोनभद्र से प्रोजेक्ट मैनेजर एसके श्रीवास्तव को हिरासत में लिया गया।
इसके अलावा टीम ने नोएडा से लैंको कंपनी के निदेशक बजरंगलाल को भी गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ कर जमीन और पावर प्लांट परियोजना से जुड़े दस्तावेजों तथा लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले की जांच में एसआईटी को पता चला कि कंपनियों ने पावर प्लांट के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन को कथित तौर पर बैंकों में गिरवी रख दिया। आरोप है कि जमीन को गिरवी रखने से पहले राज्य सरकार से अनुमति नहीं ली गई।
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन कितनी थी, किन बैंकों के पास गिरवी रखी गई, इसके बदले कितनी धनराशि ली गई और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
एक ही मामले में एसआईटी की तीन अलग-अलग शहरों में हुई कार्रवाई से संबंधित कंपनियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
एसआईटी जमीन के दस्तावेज, कंपनियों के बीच हुए समझौते, बैंक रिकॉर्ड और सरकारी अनुमति से जुड़े कागजात खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


