– डीएम डॉ. अंकुर लाठर की रणनीति और सख्त मॉनिटरिंग का दिखा असर
– भूमि अधिग्रहण में कई बड़ी परियोजनाओं से आगे निकला फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिले ने बड़ी छलांग लगाई है। गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों ने फर्रुखाबाद की प्रशासनिक कार्यक्षमता की मजबूत तस्वीर पेश की। परियोजना के लिए 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है, जो समीक्षा में शामिल प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में सर्वाधिक है।
इस उपलब्धि ने फर्रुखाबाद को प्रदेश की कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से आगे खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि भूमि अधिग्रहण जैसे जटिल और संवेदनशील काम में यह प्रगति महज कागजी आंकड़ा नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की लगातार निगरानी, प्रभावी समन्वय और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर की रणनीति बनी गेमचेंजर
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण में जिले की तेज रफ्तार के पीछे जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की रणनीति और लगातार मॉनिटरिंग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को केवल फाइलों की कार्रवाई तक सीमित न रखकर अधिकारियों के स्तर पर लगातार समीक्षा और समन्वय पर जोर दिया।
भूमि अधिग्रहण में सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग राजस्व प्रकरणों, किसानों से जुड़े मामलों और दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण सामने आती है। ऐसे में जिलाधिकारी की नियमित निगरानी ने लंबित मामलों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के बीच समन्वय मजबूत हुआ और प्रक्रिया को निर्धारित लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ाया गया।
91.28 प्रतिशत भूमि उपलब्धता का यही आंकड़ा अब फर्रुखाबाद की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रदेश स्तरीय समीक्षा में अलग पहचान दिला रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी परियोजना की घोषणा और स्वीकृति तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समय से जनता तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया और विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने तथा धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक्सप्रेसवे केवल आवागमन को सुगम बनाने वाली सड़कें नहीं हैं, बल्कि इनके आसपास उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे की तेज प्रगति जिले के लिए सिर्फ एक सड़क परियोजना की खबर नहीं है। यह आने वाले समय में जिले की कनेक्टिविटी, औद्योगिक संभावनाओं, व्यापार और रोजगार के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है।
91.28 प्रतिशत भूमि की उपलब्धता के बाद अब चुनौती परियोजना के अगले चरणों को उसी गति से आगे बढ़ाने की है। भूमि अधिग्रहण में जिस प्रशासनिक इच्छाशक्ति और समन्वय का प्रदर्शन हुआ है, वही रफ्तार निर्माण के अगले चरण में भी कायम रहती है तो फर्रुखाबाद को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
लखनऊ की बैठक में आए आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे अब केवल प्रस्तावित परियोजना नहीं रह गया है। 91.28 प्रतिशत भूमि उपलब्धता के साथ यह परियोजना क्रियान्वयन की दिशा में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर का, जिनकी लगातार निगरानी, रणनीतिक कार्यप्रणाली और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रफ्तार दी।


