शमशाबाद। रजलामई गांव में बुधवार देर रात हुई तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय कमरे में सो रहे 65 वर्षीय विकलांग दंपति बाल-बाल बच गए। दीवार गिरने की आवाज और दंपति की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
बताया गया कि दंपति खाना खाने के बाद कच्चे कमरे में सो गए थे। रात में तेज बारिश के दौरान अचानक मकान की दीवार ढह गई। मलबा गिरने से दंपति घबरा गए और जान बचाने के लिए शोर मचाने लगे। आसपास के लोगों ने तत्काल पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला।
पीड़ित दंपति दोनों दिव्यांग हैं और उम्र बढ़ने के साथ उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई गई है। उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें दो बाहर रहकर मजदूरी करते हैं, जबकि एक गांव में ही मजदूरी करता है। परिवार का गुजारा किसी तरह मजदूरी से चल रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उनका पूरा मकान कच्चा है और जगह-जगह से दरक चुका है। बारिश के दौरान दीवार गिरने से अब परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए कई बार आवेदन किया गया। अधिकारियों की ओर से सर्वे भी कराया गया, लेकिन अभी तक आवास योजना की सूची में नाम शामिल नहीं हुआ।
परिवार ने प्रशासन और सरकार से जल्द आवास उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जर्जर कच्चे मकान में रहने के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका से बचा जा सके।
ग्राम प्रधान ने बताया कि कच्चे मकान की दीवार गिरने की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। पीड़ित परिवार का सर्वे कराकर पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


