– छह साल जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय कार्यकाल
– बेदाग छवि और जनता से सीधा संवाद बनी मजबूत दावेदारी की वजह
– उनकी माँ को चुनाव जानबूझ कर हरवाने की बातें भी सामने आयीं
फर्रुखाबाद। सदर विधानसभा सीट से आगामी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संभावित दावेदारों के नामों पर राजनीतिक हलकों और आम जनता में चर्चा और तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रुपेश गुप्ता का नाम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की पसंद के रूप में चर्चा में आने लगा है। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने और जिले की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले रुपेश गुप्ता को सदर सीट के लिए मजबूत चेहरों में गिना जा रहा है।वहीं आम जनमानस उनके संग नगर पालिका चुनाव मे उनकी ही पार्टी के कुछ जाति विशेष के शहर के चर्चित मोहल्ले के नेताओं की वेवफाई की भी चर्चा खुल कर करने लगा है, ज़ब उनकी बुजुर्ग माँ को हराने को एड़ी चोटी के जोर लगाये गए थे।
रुपेश गुप्ता करीब छह वर्ष तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे। उनके समर्थकों का कहना है कि जिलाध्यक्ष के रूप में उनका पूरा कार्यकाल संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने के लिए जाना गया। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के साथ उन्होंने बूथ से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बनाए रखा।
उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी साफ-सुथरी और बेदाग छवि तथा आम लोगों के बीच सहज उपलब्धता मानी जाती है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार रुपेश गुप्ता आम जनता को समय देने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए जाने जाते हैं। उनका मृदुभाषी और सरल व्यवहार भी उन्हें दूसरे दावेदारों से अलग पहचान देता है।
सदर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में उनकी पुरानी सक्रियता रही है। पिछले नगर पालिका चुनाव में उनकी मां को बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, हालांकि इस हार को लेकर स्थानीय भाजपा राजनीति में उस समय अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। समर्थकों का आरोप रहा है कि पार्टी के ही कुछ स्थानीय नेताओं की अंदरूनी राजनीति ने चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया।
अब बदले राजनीतिक माहौल में रुपेश गुप्ता की दावेदारी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उत्सुकता दिखाई दे रही है। छह वर्ष तक संगठन की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव, कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क, जनता के साथ संवाद और अपेक्षाकृत विवादों से दूर छवि उनके पक्ष में महत्वपूर्ण आधार माने जा रहे हैं।
हालांकि भाजपा की ओर से सदर विधानसभा सीट के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा संगठनात्मक फीडबैक, सर्वे और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसके बावजूद रुपेश गुप्ता का नाम चर्चा में आने से सदर सीट की भाजपा राजनीति में नई हलचल जरूर दिखाई देने लगी है।


