फर्रुखाबाद। 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद के कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद के समन्वय से जिले में प्री-मानसून तैनाती पर कार्यरत एनडीआरएफ टीम द्वारा लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पंडित जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, जारारी में स्कूल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, आकाशीय बिजली सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की जानकारी दी। भूकंप के दौरान ड्रॉप, कवर एवं होल्ड तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन कर आपदा के समय सुरक्षित प्रतिक्रिया के महत्वपूर्ण उपाय समझाए गए।
कार्यक्रम के दौरान सीपीआर, बेसिक लाइफ सपोर्ट, प्राथमिक उपचार तथा गले में भोजन या कोई अन्य वस्तु फंसने की स्थिति में अपनाई जाने वाली जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, स्ट्रेचर के सही उपयोग तथा आपदा के दौरान त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया के तरीकों का भी प्रदर्शन किया गया।
एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान सुरक्षित व्यवहार और आपदा के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न जीवनरक्षक तकनीकों का व्यवहारिक अभ्यास किया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना से कार्य करने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने के महत्व को भी समझा।
विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार एवं उप प्रबंधक श्रीमती स्मिता ने एनडीआरएफ के जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने एनडीआरएफ टीम के विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यालय में ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए टीम को आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक एवं सहायता प्रदान कर सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सजगता और सूझबूझ के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और जीवनरक्षक कौशल केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि इसकी जानकारी परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि जागरूक और प्रशिक्षित नागरिक आपदा के समय स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने तथा समुदाय में आपदा जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


