शमशाबाद, फर्रुखाबाद। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर इस बार चीनी की महंगाई ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बीते दिनों 48 से 50 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब करीब 70 रुपये किलो पहुंच गई है। अचानक बढ़े दामों से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का त्योहार का बजट बिगड़ गया है।
रक्षाबंधन पर घरों में मेहमानों के लिए मिठाइयां और सेवइयां तैयार की जाती हैं। सेवइयों के साथ चीनी की खरीदारी भी होती है, लेकिन दुकानदारों के मुताबिक चीनी का भाव सुनकर ग्राहक खरीदारी कम कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि चीनी महंगी होने का सीधा असर सेवइयों और मिठाइयों की बिक्री पर पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महंगाई के चलते रोजमर्रा की चाय का खर्च भी बढ़ गया है। दिन में कई बार चाय पीने वाले लोग भी अब चीनी की खपत को लेकर सोचने लगे हैं। लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो गरीब परिवारों के लिए त्योहार पर मिठाई और सेवइयों की मिठास भी मुश्किल हो जाएगी।
चीनी के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि कहीं जमाखोरी के कारण तो चीनी के दाम नहीं बढ़ाए जा रहे। उन्होंने प्रशासन से बाजार में छापामारी कर चीनी के स्टॉक की जांच कराने और यदि जमाखोरी या कालाबाजारी मिले तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से चीनी के बढ़े दामों पर अंकुश लगेगा और रक्षाबंधन की मिठास बरकरार रहेगी।
रक्षाबंधन पर चीनी की महंगाई ने बिगाड़ी मिठास, 70 रुपये किलो पहुंचा भाव


