नंद्याल: आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले के मंदिर शहर श्रीशैलम में एक रेस्ट हाउस में एक ही परिवार के पांच सदस्य फंदे से लटके मिलने के कारण सामूहिक आत्महत्या (Mass suicide) का शक गहरा गया है। मृतकों में तीन महिलाएं एक पुरुष और 15 साल का किशोर शामिल है। मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए बने रेस्ट हाउस ‘वडेरा सतारम’ (Vadera Sataram rest house) के एक कमरे में दो पुरुष और तीन महिलाएं फंदे से लटके मिले।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी और भारी कर्ज की वजह से सामूहिक आत्महत्या की आशंका है। इनकी उम्र 15 से 50 साल के बीच बताई जा रही है। श्रीशैलम स्थित एक तीर्थयात्री लॉज में एक ही परिवार के पांच सदस्य मृत पाए गए। परिवार 28 जुलाई को श्रीशैलम पहुंचा था और लॉज के कमरे में ठहरा था। पुलिस के अनुसार मरने वालों की पहचान श्री सत्य साईं जिले के बट्टलापल्ली गांव के एक परिवार के सदस्यों के तौर पर हुई है। वडेरा लॉज में कमरा नंबर 11 लिया था।
मृतकों की पहचान आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के बाथलापल्ली गांव के निवासियों के तौर पर हुई है। इनमें गोगुला आदिलक्ष्मी (50), मलेश्वरी (45), पी सुधाकर (36), श्रीदेवी (33) और मणिकंटा (15) के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, किराया पर लेने के बाद से वे प्रतिदिन बाहर जा रहे थे और खाने के लिए लॉज लौट रहे थे। जब परिवार के सदस्य लगभग तीन दिनों तक कमरे से बाहर नहीं निकले और अंदर से बदबू आने लगी, तो लॉज मैनेजमेंट ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब कमरा खोला तब माजरा पूरी तरह साफ हो गया, बाथरूम में पंखे से लटकी हुई तीन महिलाओं और दो पुरुषों की लाशें मिलीं।
आत्मकुर के डीएसपी रामंजनेयुलु ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया है कि परिवार ने शायद गंभीर आर्थिक तंगी के कारण यह कदम उठाया था। जानकारी से पता चला कि सुधाकर की शादी नहीं हुई थी, जबकि उसकी दो बहनों को उनके पतियों ने छोड़ दिया था ओर वो अपने मायके में रह रही थीं।


