29 C
Lucknow
Tuesday, August 25, 2026

बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं होने देंगे: सुप्रीम कोर्ट

Must read

 

– दान का एक-एक पैसा पहले दानपेटी में जाए

मथुरा। वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की ओर से दिया गया दान भगवान के लिए है और उसका पहला अधिकार मंदिर का है। दान की रकम सीधे मंदिर की दानपेटी में जमा होनी चाहिए और कोई सेवायत, पुजारी या अन्य व्यक्ति उसे अपने पास नहीं रख सकता।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं, के सामने मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं का मामला आया। सुनवाई के दौरान एक वीडियो भी पेश किया गया, जिसमें तीन लोग दानपेटी के सामने श्रद्धालुओं से रुपये लेकर उन्हें पॉलीथिन में जमा करते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद अदालत ने दान की पूरी व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई।

सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर की प्रबंधन समिति को दान व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक दान का पूरा हिसाब रखा जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे रकम में किसी तरह की गड़बड़ी या हेराफेरी की गुंजाइश न रहे। दान की रकम पहले मंदिर के खाते या खजाने में जमा होगी, इसके बाद ही नियमों के अनुसार संबंधित लोगों को उनका हिस्सा मिल सकेगा।

अदालत ने सेवायतों और अन्य संबंधित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति दान को मंदिर के खजाने तक पहुंचने से रोकता है या व्यवस्था में बाधा डालता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। मंदिर के फंड से संपत्ति खरीदने जैसे किसी भी प्रस्ताव की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी और अदालत की अनुमति के बाद ही ऐसा कोई लेन-देन किया जा सकेगा।

मंदिर की हाई पावर कमेटी की स्टेटस रिपोर्ट में भी चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कमेटी के अध्यक्ष और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने बताया कि कुछ लोग दानपेटियों के आगे खड़े होकर श्रद्धालुओं से चढ़ावा लेने का प्रयास करते हैं। मंदिर में लगाए गए कुछ क्यूआर कोड तक खुरच दिए जाने की बात सामने आई है।

कमेटी के अनुसार फरवरी से अप्रैल के बीच तीन महीनों में मंदिर की 18 दानपेटियों में श्रद्धालुओं ने करीब 4.90 करोड़ रुपये का दान दिया। इसमें भारतीय मुद्रा के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, यूएई और नेपाल की मुद्रा भी शामिल थी। विदेशी मुद्रा को बैंक में जमा कराया गया।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद अब बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे की निगरानी और लेखा-जोखा व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है। अदालत का स्पष्ट संदेश है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी दानराशि में किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article