🔴 5 साल में 17वीं बार जेल से बाहर आएगा राम रहीम
🔴 यौन शोषण के मामले में सुनारिया जेल में काट रहा 20 साल की सजा
रोहतक। दुष्कर्म के मामलों में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 21 दिन की पैरोल मिल गई है। यह पांच साल में उसकी 17वीं पैरोल बताई जा रही है। बार-बार पैरोल मिलने को लेकर कानून व्यवस्था और पीड़ितों के न्याय की भावना पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। 2017 में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों मामलों में उसे 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद लगातार पैरोल मिलने से आम लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर गंभीर अपराध में सजा काट रहे व्यक्ति को इतनी बार जेल से बाहर आने का अवसर क्यों मिल रहा है।
मई 2026 में भी राम रहीम को 23 दिन की पैरोल मिली थी और अब फिर 21 दिन के लिए उसे जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद उसके सिरसा जाने की बात सामने आई है।
पैरोल कानून के तहत मिलने वाला अधिकार हो सकता है, लेकिन बार-बार पैरोल का लाभ मिलना व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल जरूर खड़ा करता है। खासकर तब, जब मामला गंभीर यौन अपराध से जुड़ा हो और दोषी को लंबी सजा सुनाई गई हो।
जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सजा का मकसद सिर्फ अदालत का फैसला सुनाना है, या दोषी को सजा की वास्तविक अवधि जेल में भी पूरी करनी चाहिए? राम रहीम को लगातार मिल रही पैरोल ने इसी बहस को फिर तेज कर दिया है।


