– कन्नौज के सप्लायर ने दिल्ली के कारोबारी आकाश जायसवाल पर लगाए गंभीर आरोप
– माल लेने के बाद भुगतान रोकने के बाद दे रहा छापे डलवाने की धमकी
– नामी तम्बाकू ब्रांड के डुप्लीकेट माल बनाने का बड़ा खेल
– गैंग मे खजाँची विशाल की बड़ी भूमिका
नई दिल्ली/कन्नौज। तंबाकू कारोबार से जुड़े एक भुगतान विवाद ने क़ानून व्यवस्था को चुनौती दे डाली हैं। कन्नौज के एक तंबाकू सप्लायर ने दिल्ली के कारोबारी आकाश जायसवाल पर माल लेने के बाद बड़ी रकम का भुगतान रोकने और कथित रूप से विभागीय कार्रवाई की धमकी देकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
पीड़ित सप्लायर का आरोप है कि कारोबारी आकाश ने माल लेने के बाद भुगतान को लेकर लगातार टालमटोल किया । जब रकम की मांग की गई तो कथित तौर पर विभाग में अपनी पहुंच और ‘सेटिंग’ होने का हवाला देकर छापे की कार्रवाई करवाने की धमकी दी गई। इस पूरे विवाद से जुड़ा बताया जा रहा एक ऑडियो भी वायरल है।इससे पूर्व व्हाट्सप्प पर भी चेटिंग कर पैसा देने की बात कबूली थी, लेकिन अब बेईमानी पर उतर फ़ोन पर धमकियां दे रहा।
सूत्रों के मुताबिक आकाश जायसवाल का तंबाकू कारोबार से जुड़ा संपर्क केवल दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि असम, केरल और बेंगलुरु तक उसका नेटवर्क है। आरोप यह भी है कि,कारोबारी कथित तौर पर हरियाणा पुलिस में अपनी पहुंच का दावा करते हुए व्यापारियों पर दबाव बनाता है। पीड़ित व्यापारी के अनुसार,आकाश जायसवाल फ़ोन पर बातचीत के दौरान पुलिस और विभागीय अधिकारियों से संपर्क होने का हवाला देकर भय का माहौल बनाने की कोशिश करता है। इस मामले से पुलिस और जीएसटी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है।
कन्नौज के व्यापारी का कहना है कि तंबाकू का माल कारोबारी जायसवाल को दिया गया, लेकिन उसके बदले तय भुगतान नहीं किया गया। रकम बढ़ती गई तो व्यापारी ने भुगतान की मांग तेज की। आज आलम है कि इसके बाद मामला व्यापारिक लेन-देन से आगे बढ़कर धमकी और दबाव तक पहुंच गया।अब पैसा नहीं दे रहा।
पुलिस के मुताबिक वायरल ऑडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी । यदि ऑडियो वास्तविक है तो उसकी आवाज, बातचीत का संदर्भ, तारीख और संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच मे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
बताना जरूरी है कि इस पूरे खेल में आकाश के साले विशाल का रोल खजांची का बताया जाता है, वहीं चर्चित तंबाकू ब्रांडों के डुप्लीकेट माल सप्लाई का भी भंडाफोड़ होना तय है क्योंकि ये काला खेल कई राज्यों तक व्यवसाय के रूप में पनप रहा है।इसमें कई ट्रांसपोर्टर भी जाँच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल लिये गए हैं, जिनसे कई राज खुलेंगे।


