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Sunday, August 23, 2026

सावन के आखिरी सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रृंगीरामपुर घाट पर कांवड़ियों की अपार भीड़, सजी-धजी दुकानों पर उमड़े खरीदार

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कमालगंज: श्रृंगीरामपुर। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर पवित्र गंगा जल भरने के लिए श्रृंगीरामपुर घाट पर रविवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही घाट पर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा मेला स्थल गूंजता रहा।

आज रविवार होने के बावजूद सोमवार की तैयारी के लिए दूर-दराज से हजारों कांवड़िये गंगा जल लेने पहुंचे। खास बात यह रही कि इस बार मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के इटावा, दिबियापुर, औरैया और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र जल लेने आए।
कंधे पर कांवड़ और मुंह पर भोलेनाथ का नाम लिए श्रद्धालु गंगा किनारे जाते और जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर शिवालयों के लिए रवाना होते दिखे। कई जगह डीजे पर भक्ति गीतों पर नाचते हुए युवा टोलियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं।
मेले में आस्था के साथ-साथ बाजार की रौनक भी देखते ही बन रही थी। श्रृंगीरामपुर मेला स्थल पर खिलौने, प्रसाद, फूल-माला, जल पात्र, खान-पान और श्रृंगार की दुकानें खूब सज-धज कर तैयार की गई थीं। दोपहर से देर शाम तक दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ लगी रही। बच्चों में खिलौनों को लेकर खासा उत्साह देखा गया, वहीं कांवड़ियों ने पूजा-सामग्री और जल भरने के बर्तनों की जमकर खरीदारी की।
पुलिस रही मुस्तैद
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल बेहद मुस्तैद नजर आया। घाट से लेकर मुख्य मार्ग तक पुलिसकर्मी तैनात रहे और भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
स्वच्छता को लेकर भी सफाई कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया। मेला परिसर में सफाई कर्मचारी लगातार झाड़ू लगाते हुए देखे गए, जिससे घाट पर गंदगी जमा नहीं होने पाई। श्रद्धालुओं ने भी इस व्यवस्था की सराहना की।
स्थानीय दुकानदार अजीत ने बताया कि हर वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मेला खूब चला है और दुकानों पर बिक्री भी अच्छी रही है। उन्होंने बताया कि इस बार बाहर से आए श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने से व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। वहीं उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा तिराहे पर बैरिकेडिंग लगा देने से तिराहे पर स्थित दुकानदारों को बिक्री में नुकसान भी उठाना पड़ा, क्योंकि ग्राहक वहां तक नहीं पहुंच पाए।

वहीं स्थानीय निवासी शिवम गुप्ता ने बताया कि श्रृंगीरामपुर से सरैया और अस्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाने से स्थानीय राहगीरों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को घूमकर लंबा रास्ता तय करना पड़ा। उसके बावजूद कुल मिलाकर मेला व्यवस्था अच्छी रही।
रोशनी की व्यवस्था में कमी देखने को मिली। घाट तक जाने वाले मुख्य मार्ग और खंभों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें नहीं लग पाई थीं। शाम ढलते ही गंगा जी की ओर जाने वाले रास्ते पर कई जगह अंधेरा छाया रहा, जिससे बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को आने-जाने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अगले वर्ष से पहले स्थायी लाइट की व्यवस्था की मांग की है।

कुल मिलाकर सावन के आखिरी सोमवार का यह संगम भक्ति, आस्था, बाजार की रौनक और सुव्यवस्थित प्रशासन का सुंदर उदाहरण बना।

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