रवानगी को लेकर उठे सवाल
फर्रुखाबाद। गैर जनपद तबादला होने के बावजूद जिले के कुछ थाना प्रभारियों की रवानगी न होने को लेकर पुलिस महकमे में सवाल उठने लगे हैं। आम जनमानस का कहना है कि जब किसी थाना प्रभारी का दूसरे जनपद में तबादला हो जाता है तो उसे शीघ्र कार्यमुक्त किया जाना चाहिए, ताकि नए अधिकारी को जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिल सके और थाने की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।
जानकारी के अनुसार नवाबगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार का झांसी रेंज, कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल कुमार का तबादला बरेली रेंज, अमृतपुर थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी का आगरा जोन तथा कपिल थाना प्रभारी नितिन चौधरी का बरेली जोन किया गया है। इनमें नवाबगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार और कपिल कुमार के तबादले को करीब तीन माह बीतने के बावजूद उनकी रवानगी नहीं होने की बात सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि तबादला आदेश में संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल जनपद से कार्यमुक्त कर नवीन तैनाती वाले स्थान पर भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लंबे समय से उनके जिले में बने रहने को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैर जनपद तबादला होने के बाद संबंधित थाना प्रभारी को यह स्पष्ट हो जाता है कि अब उन्हें इसी जिले के किसी दूसरे थाने में तैनाती नहीं मिलेगी। ऐसे में उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में ‘खाओ-कमाओ’ जैसी कार्यशैली को बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है।
लोगों का कहना है कि पुलिस विभाग में तबादला व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक संतुलन, निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी का गैर जनपद तबादला हो चुका है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से कार्यमुक्त किया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि पुलिस के उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और तबादला आदेश के बावजूद लंबे समय से जिले में जमे थाना प्रभारियों की रवानगी कब तक होती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि विभाग की ओर से इन अधिकारियों को कार्यमुक्त न किए जाने के संबंध में क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।


