गहरे पानी से रोकने को टिन बैरिकेडिंग
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रूट डायवर्जन लागू
फर्रुखाबाद। सावन मेले के बीच रविवार को पांचाल घाट पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाट पहुंचे। स्नान के बाद कांवड़िए गंगा जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते नजर आए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
पिछले सप्ताह गंगा में डूबने की घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पांचाल घाट पर गंगा तट के किनारे टिन लगाकर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र से आगे जाकर गहरे पानी में न पहुंच सकें। गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और बैनर भी लगाए गए हैं।
घाट के दोनों ओर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। जवान लगातार घाट पर निगरानी कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में जाने का प्रयास न करें।
पांचाल घाट पर सावन के दौरान हर रविवार बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पिछले रविवार को करीब दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद इस रविवार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। गंगा स्नान के बाद कांवड़िए पात्रों में गंगाजल भरकर अपने-अपने शिवालयों और गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण पांचाल घाट और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से रूट डायवर्जन पहले से लागू किया गया है। पुलिसकर्मी प्रमुख मार्गों और घाट के आसपास यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी भी घाट और आसपास के क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, बैरिकेडिंग के बाहर जाकर गंगा में स्नान न करें और मौके पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि सावन मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।


