नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के साथ अहम बैठक की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। बैठक में संगठन को मजबूत करने, जनता से जुड़ाव बढ़ाने, युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नए नजरिए पर केंद्रित होती हैं। इनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को और गहरा करना है। उन्होंने नई संगठनात्मक टीम और पार्टी के साथियों के साथ हुई बातचीत को शानदार अनुभव बताया।
Gen Z से जुड़ने की बीजेपी की तैयारी
बीजेपी की नई रणनीति में युवाओं, खासकर जेन जी, पर विशेष फोकस दिखाई दे रहा है। पार्टी युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने और उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रमों की तैयारी कर रही है। सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यमों और युवा केंद्रित अभियानों के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
नितिन नवीन ने संगठन को लेकर दिए अहम निर्देश
इससे पहले राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई टीम को संगठन की मजबूती का मंत्र दिया। उन्होंने पदाधिकारियों से युवाओं के साथ ज्यादा से ज्यादा संवाद करने, ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से काम करने और पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहते हुए संगठन को मजबूत करने को कहा।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया। पदाधिकारियों को सार्वजनिक जीवन में संयम, अनुशासन और बेहतर आचरण बनाए रखने की हिदायत दी गई।
विपक्ष को तथ्यों के आधार पर जवाब देने का निर्देश
बैठक में राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष के हमलों का जवाब तथ्यों और प्रभावी तर्कों के साथ देने पर भी जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व ने पदाधिकारियों से कहा कि राजनीतिक संवाद में संयम बनाए रखते हुए संगठन की बात जनता तक मजबूती से पहुंचाई जाए।
रविवार को होगी राज्यों के संगठन की समीक्षा
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन रविवार को पार्टी संगठन की विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें सभी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी शामिल होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत आगामी चुनाव वाले राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा पार्टी के चल रहे अभियानों, संगठन विस्तार, सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर भी मंथन होगा।


