कमालगंज: यूथ इंडिया समाचार पत्र में 12 अगस्त को प्रकाशित खबर “आवारा पशुओं का आतंक, मुख्य मार्ग पर बड़े हादसे का खतरा” का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।
खबर में कमालगंज कस्बे में आवारा गोवंशों के बढ़ते आतंक और मुख्य मार्ग पर दुर्घटना की आशंका को प्रमुखता से उठाया गया था। संज्ञान रहे कि गंगा में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में आवारा पशु कस्बे में आ जाते हैं, जो दिन भर गलियों में और शाम होते ही मुख्य मार्गों पर डेरा जमा लेते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और हादसों का खतरा बना रहता है।
इसी खबर को संज्ञान में लेते हुए नगर पंचायत प्रशासन, कमालगंज ने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चला रखा है। अभियान में टीम ने कस्बे के विभिन्न स्थानों से करीब आधा दर्जन आवारा गोवंशों को पकड़कर गोशाला/आश्रय स्थल पर भेजा। अभियान का नेतृत्व नगर पंचायत कर्मचारी श्याम ने किया, जिनके पास गोशाला की जिम्मेदारी भी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष राजबेटी शंखवार ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नगर पंचायत का लक्ष्य है कि सड़कों पर एक भी आवारा गोवंश न घूमे, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में भी कस्बे के अन्य इलाकों में पकड़ो अभियान जारी रहेगा।
नगर पंचायत की इस कार्रवाई पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। शास्त्री नगर द्वितीय के निवासी असलम सिद्दीकी और कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग पर स्थित सावित्री भोजनालय के संचालक राजू चौरसिया ने यूथ इंडिया समाचार पत्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखबार द्वारा जनहित के मुद्दे को उठाने से अब आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी।


