29 C
Lucknow
Thursday, August 20, 2026

चंपत राय का नृपेंद्र मिश्र पर बड़ा आरोप

Must read

अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को नौ पन्नों की दूसरी चिट्ठी जारी कर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र की भूमिका पर कई गंभीर दावे किए। चंपत राय ने आरोप लगाया कि निर्माण समिति में नृपेंद्र मिश्र ने अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया और कई मामलों में समिति के निर्णयों व सदस्यों की सलाह को दरकिनार कर अपनी पसंद के फैसलों को प्राथमिकता दी।

चंपत राय के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट में 15 सदस्य थे, जबकि नृपेंद्र मिश्र को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। उनके सुझाव पर मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी लार्सन एंड टुब्रो को दी गई। मंदिर परिसर के भवनों की रूपरेखा और निर्माण संबंधी कार्यों के लिए नोएडा की डिजाइन एसोसिएट संस्था का चयन किया गया।

चंपत राय ने दावा किया कि नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण समिति में अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया। इनमें कुछ ऐसे सदस्य भी थे, जो छह वर्षों के दौरान केवल एक-दो बार ही अयोध्या आए। उन्होंने पूर्व एनबीसीसी अध्यक्ष अनूप मित्तल के भी लगातार नृपेंद्र मिश्र के साथ निर्माण समिति की बैठकों में शामिल होने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े फैसले समिति की बैठकों में लिए जाते थे, लेकिन बाद में कई मामलों में बदलाव कर दिए गए। चंपत राय का आरोप है कि ऐसे मामलों में नृपेंद्र मिश्र के निर्णयों को अधिक महत्व दिया गया और समिति के अन्य सदस्यों के सुझावों को अपेक्षित महत्व नहीं मिला।

चंपत राय ने अपनी चिट्ठी में राम जन्मभूमि विवाद से लेकर मंदिर निर्माण तक का विस्तृत घटनाक्रम भी बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों चले कानूनी संघर्ष के बाद नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के सर्वसम्मत फैसले से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन किया।

चिट्ठी में मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो, निर्माण की निगरानी के लिए टाटा परामर्शी अभियंता संस्था तथा परिसर के अन्य भवनों की रूपरेखा के लिए नोएडा की संस्था को जिम्मेदारी दिए जाने का भी उल्लेख है।

चंपत राय ने मंदिर में श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था और ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की जानकारी भी दी। उनके मुताबिक रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के बैंक खातों में चेकबुक का इस्तेमाल नहीं होता और भुगतान बैंक के माध्यम से किए जाते हैं। ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का आंतरिक तथा वैधानिक लेखा परीक्षण कराया जाता है।

गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफा मंजूर किया गया। इसके बाद उन्होंने पहली चिट्ठी जारी कर ट्रस्टी अनिल मिश्र को लेकर आरोप लगाए थे। अब दूसरी चिट्ठी में उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article