– सेवा निवृत लेफ्टिनेंट जनरल की माँ विनोद कुमारी का रहा स्वर्णिम इतिहास
– तीन काबिल बेटों को समाज पर किया समर्पित
फर्रुखाबाद। देश की सीमाओं की रक्षा में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार की मां स्व. विनोद कुमारी के निधन के बाद उनके अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम फतेहगढ़ स्थित ऐतिहासिक किला घाट गंगा तट पर पूरे सम्मान और गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाएगा। परिवार की ओर से होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। किला घाट पर धार्मिक परंपराओं के साथ दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
गौरव शाली दिवंगत माँ के बेटे
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों तक सेवा की। वर्ष 1986 में राजपूत रेजीमेंट की 23वीं बटालियन से उनका सैन्य सफर शुरू हुआ था। आगे चलकर उन्होंने सेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद तक पहुंचे। 31 मार्च 2026 को वे पश्चिमी कमान के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए।
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी प्रमुख सैन्य नेतृत्व से जुड़ा रहा। पश्चिमी सीमाओं पर उनकी जिम्मेदारी महत्वपूर्ण थी। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य अभियानों और रणनीतिक जिम्मेदारियों का अनुभव हासिल किया।
फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर का इतिहास भी गौरवशाली रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सेंटर वर्ष 1921 से फतेहगढ़ में स्थित है और एक सदी से अधिक समय से सैन्य परंपराओं का केंद्र रहा है। देश के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा भी राजपूत रेजीमेंट से जुड़े रहे हैं।
इसी ऐतिहासिक सैन्य पृष्ठभूमि के बीच अब लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार की मां के निधन के बाद किला घाट पर होने वाला अस्थि विसर्जन कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए भी भावनात्मक अवसर होगा। सैन्य जीवन में देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले परिवार के लिए यह कार्यक्रम निजी शोक के साथ-साथ श्रद्धा और संस्कार की महत्वपूर्ण घड़ी होगी।
किला घाट पर गंगा तट की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप अस्थि विसर्जन और श्रद्धांजलि की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।उनके पुत्र राजीव कटियार, सुधीर कटियार, बेटी और दामाद कार्यक्रम में परिवार के करीबी लोगों और शुभचिंतकों की मौजूदगी रहेंगे, जहाँ दिवंगत माता को श्रद्धांजलि देने के साथ परिवार की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता और स्मृतियों को नमन किया जाएगा।
फतेहगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर सैन्य गौरव से जुड़े इस परिवार के लिए होने वाला यह कार्यक्रम भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किला घाट पर पूरे सैन्य गौरव और सम्मान के साथ होगा मां का अस्थि विसर्जन कार्यक्रम


