नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थिति और गंभीर हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने अमेरिका और ईरान के बीच टकराव में हस्तक्षेप किया या रास्ते में बाधा डाली, तो अमेरिका उस पर जबरदस्त बमबारी कर सकता है। ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब दोनों देशों के बीच 60 दिन के युद्धविराम की समय-सीमा समाप्त होने वाली है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि अगर ओमान बीच में आया तो अमेरिका उसके खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने ईरान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे आत्मसमर्पण का सफेद झंडा लहराना चाहिए। ट्रंप ने ईरान की बातचीत की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरानी ‘अच्छे पोकर खिलाड़ी’ हैं, लेकिन अब उनका समय खत्म हो रहा है।
दरअसल, ओमान इन दिनों ईरान के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है। इसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के संचालन और समुद्री यातायात को लेकर एक अस्थायी व्यवस्था तैयार करना है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और यहां किसी भी बड़े सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
ट्रंप ने अलग बयान में कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है और उनकी रणनीति का अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से कोई संबंध नहीं है।
ट्रंप के इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति, परिवहन लागत और दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच आगे होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है।


