मैनपुरी, फर्रुखाबाद । 21 साल पुराने सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में माफिया अनुपम दुबे की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अदालत ने हत्या के मामले में अनुपम दुबे को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर दिए जाने की मंजूरी दे दी है। मथुरा जेल में बंद अनुपम दुबे को पुलिस ने बी-वारंट के जरिए कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने रिमांड मंजूर कर दी।
मामला 6 अगस्त 2005 का है। बेवर थाना क्षेत्र के नवीगंज में सगे चाचा-चाची की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि वारदात को अनुपम दुबे ने अपने गैंगेस्टर भाइयों डब्बन और बब्बन तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। दिनदहाड़े हुई इस दोहरी हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
करीब दो दशक बाद इस हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज होने से मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। जेल में निरुद्ध अनुपम दुबे को मथुरा जेल से बी-वारंट पर मैनपुरी की अदालत में लाया गया। अभियोजन की ओर से रिमांड की मांग रखी गई, जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई की।
कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मिलने के बाद अब पुलिस को मामले की जांच आगे बढ़ाने और पुराने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करने का अवसर मिलेगा। रिमांड के दौरान पुलिस वारदात से जुड़े साक्ष्यों, घटनास्थल, कथित सहयोगियों और अन्य पहलुओं की जांच कर सकती है।
6 अगस्त 2005 को नवीगंज में पति-पत्नी की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। आरोप है कि हमलावरों ने दोनों को गोलियों से भून दिया था। इस मामले में अनुपम दुबे और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगे थे।
अब 21 साल पुराने मामले में अदालत द्वारा रिमांड मंजूर किए जाने के बाद पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें हैं। पुराने केस की परतें खुलने के साथ पुलिस के सामने वारदात से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को नए सिरे से परखने की चुनौती भी होगी।
अदालत के आदेश के बाद अनुपम दुबे की 14 दिन की रिमांड इस पुराने दोहरे हत्याकांड में जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।


