गॉल। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने शानदार अर्धशतक लगाकर अपनी खराब फॉर्म का सिलसिला तोड़ दिया। जुरेल ने 68 गेंदों में 51 रन की अहम पारी खेली और भारत को नौ विकेट पर 460 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी यह फिफ्टी लगातार सात पारियों के बाद आई।
दिन का खेल खत्म होने के बाद जुरेल ने कहा कि उन पर कभी दबाव नहीं था। उन्होंने मुश्किल दौर में स्पष्टता और आत्मविश्वास बनाए रखने का श्रेय मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को दिया। जुरेल के मुताबिक, कप्तान और कोच उन्हें लगातार बताते रहे कि परिस्थितियों के अनुसार किस तरह बल्लेबाजी करनी है।
उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान वह व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में नहीं सोचते, बल्कि टीम की जरूरत के मुताबिक खेलने पर ध्यान देते हैं। श्रीलंका की परिस्थितियों में पहले से अभ्यास का भी उन्हें फायदा मिला। जुरेल टेस्ट सीरीज से पहले इसी मैदान पर इंडिया ए की ओर से खेल चुके हैं।
जुरेल ने कहा कि टीम की रणनीति बिना जरूरत जोखिम लिए अधिक से अधिक रन बनाने की थी। निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ साझेदारी कर स्कोर को मजबूत करना लक्ष्य था। उन्होंने गेंदबाजों को भी लंबे स्पेल डालकर लगातार सही जगह गेंदबाजी करने की जरूरत बताई।
वहीं देवदत्त पडिक्कल के शानदार 167 रन की पारी की भी जुरेल ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल जब भी मौका मिलता है, रन बनाते हैं और भारत के लिए उनका अच्छा प्रदर्शन देखकर साथी खिलाड़ी के तौर पर खुशी होती है।


