गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) में चाइनीज मांझे (Chinese manjha) ने एक बार फिर जान ले ली। शनिवार शाम नेशनल हाईवे-9 पर बाइक से जा रहे 25 वर्षीय युवक की गर्दन में अचानक धारदार मांझा फंस गया। बाइक की तेज रफ्तार के कारण मांझे ने युवक की गर्दन को इतनी बुरी तरह काट दिया कि उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के खगड़िया निवासी रविराज नोएडा सेक्टर-63 इलाके में किराए पर रहकर ऑनलाइन डिलीवरी का काम करता था। शनिवार को वह अपने दोस्त नरेश के साथ बाइक से निकला थाय दोनों नोएडा से दिल्ली के गाजीपुर जा रहे थे। जैसे ही वे एनएच-9 पर कौशांबी थाना क्षेत्र के पास पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर उड़ रहा चाइनीज मांझा रविराज के गले में फंस गया। बाइक की रफ्तार तेज होने के कारण मांझा गर्दन में गहरा कट लगा गया।
हादसे के बाद पीछे बैठे दोस्त नरेश ने किसी तरह बाइक को नियंत्रित किया और मदद के लिए शोर मचाया। आसपास मौजूद राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने रविराज के गले को संभालने की कोशिश की और गमछे से बांधकर खून रोकने का प्रयास किया. सूचना मिलने पर कौशांबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, रविराज की गर्दन पर करीब 5 सेंटीमीटर गहरा घाव था। डॉक्टरों ने बताया कि मांझे की धार इतनी खतरनाक थी कि गर्दन की हड्डी तक प्रभावित हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य भी अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को नोएडा ले गए।
चाइनीज मांझे पर देशभर में प्रतिबंध लगा हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में नायलॉन और चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी है। यह मांझा नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से बनाया जाता है और इसे कांच या लोहे के चूरे से धारदार बनाया जाता है। सामान्य धागे की तुलना में यह ज्यादा मजबूत और खतरनाक होता है, जिससे इंसानों और पक्षियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
चाइनीज मांझे के कारण इससे पहले भी यूपी के कई जिलों में मौत और गंभीर घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. गाजियाबाद की यह घटना एक बार फिर प्रशासन के सामने इस प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने की बड़ी चुनौती खड़ी करती है.


