पुल से भटपुरा-आजादनगर तक दो किमी तक भरा बाढ़ का पानी, खेत जलमग्न होने से चारे का संकट; टूटी सड़क पर आज दिनभर मरम्मत का काम चला
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने से कमालगंज क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। चाचूपुर पुलिया से पुल तक जाने वाली संपर्क सड़क कट गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले दो दिनों से बाढ़ का पानी वहीं पर थमा हुआ है, जलस्तर में और बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।
पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी पुल के पहुंच मार्ग के दोनों किनारों पर पानी भर गया है। पुल से लेकर भटपुरा के आजादनगर तक करीब दो किलोमीटर का इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया है। निचले इलाकों के खेतों में पानी घुसने से फसलें डूब गई हैं, जिससे पशुओं के लिए हरे चारे का संकट गहरा गया है।
पिछले दो दिनों से पानी एक ही जगह स्थिर होने से ग्रामीणों ने थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन सड़क कटने से दिक्कतें बरकरार हैं। आज दिनभर कटी हुई सड़क पर मरम्मत का काम चलता रहा। प्रशासन की ओर से मिट्टी डालकर आवागमन बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
ग्रामीणों में चिंता बरकरार
गढ़िया निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया – “पानी दो दिन से वहीं रुका है, बढ़ नहीं रहा, यह राहत है, लेकिन सड़क कटने से गांव का संपर्क टूट गया है। रोजमर्रा के काम के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।”
गांधीनगर निवासी गोविंद शाक्य ने कहा – “पुल से आजादनगर तक काफी क्षेत्र पानी में डूबा है। दो दिन से पानी स्थिर है, फिर भी खेतों में पानी भरा रहने से चारे की समस्या हो गई है आज कुछ काम शुरू हुआ है, उम्मीद है जल्द रास्ता ठीक होगा।”
आजादनगर निवासी पप्पू मुल्ला ने बताया – “कटी हुई सड़क पर अभी तक कोई बैरिकेडिंग नहीं है। पानी भले ही दो दिन से वहीं थमा है, लेकिन रात में यहां हादसे का खतरा है।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक सड़क पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक कटी हुई जगह पर तत्काल बैरिकेडिंग, लाल टेप और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही बाढ़ के पानी की लगातार निगरानी की जाए, क्योंकि जलस्तर दोबारा बढ़ने पर और गांवों के चपेट में आने की आशंका है।


