अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों के परिधान को लेकर एक बार फिर बदलाव किया गया है। अब मंदिर के पुजारी पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान बिना सिले हुए वस्त्र धारण करेंगे।
राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े नवगठित धार्मिक न्यास समिति ने नए परिधान को लेकर सहमति जताई है। समिति की बैठक में पुजारियों के ड्रेस कोड पर चर्चा के दौरान पूर्व निर्धारित व्यवस्था को लेकर आपत्ति भी सामने आई थी।
नए ड्रेस कोड के तहत पुजारी पूजा-अर्चना के दौरान पारंपरिक धार्मिक परिधान में नजर आएंगे। मंदिर की पूजा पद्धति और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप वस्त्र व्यवस्था को निर्धारित करने की दिशा में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मंदिर में पूजा-अर्चना की व्यवस्था को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप बनाए रखने के लिए पुजारियों के परिधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए ड्रेस कोड को लेकर न्यास समिति की सहमति के बाद इसे लागू किए जाने की तैयारी है।
राम मंदिर में लगातार विकसित हो रही व्यवस्थाओं के बीच पुजारियों के परिधान में किया गया यह बदलाव श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।


