कानपुर। देश के महंगे एक्सप्रेस-वे में शामिल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की बदहाल सड़क अब कंपनी के शेयरों पर भी भारी पड़ रही है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर NHAI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद PNC इंफ्राटेक के शेयर चार दिन में करीब 19 प्रतिशत तक गिर गए। 5 अगस्त को शेयर करीब 260 रुपये पर था, जिसके बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई।
शेयर में गिरावट के बीच PNC इंफ्राटेक ने BSE और NSE को पत्र भेजकर सफाई दी है। कंपनी का कहना है कि उसे न तो ब्लैकलिस्ट किया गया है और न ही नॉन-परफॉर्मर घोषित किया गया है। कंपनी के मुताबिक, उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उसका जवाब दिया जा रहा है।
हालांकि, सड़क की जमीनी स्थिति कंपनी के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कंपनी ने बारिश से करीब 300 मीटर सड़क प्रभावित होने की बात कही है, जबकि मौके पर करीब 600 से 700 मीटर हिस्से में सड़क धंसने और उखड़ने की स्थिति सामने आने का दावा किया गया है। उन्नाव से लखनऊ की ओर जाने वाली करीब 45 किलोमीटर की लेन में कई स्थानों पर सड़क खराब मिली है और करीब 84 जगहों पर गड़बड़ी की बात सामने आई है।
NHAI की तकनीकी जांच में सड़क खराब होने के पीछे केवल बारिश नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता और डामर की परत से जुड़ी खामियों की आशंका जताई गई है। कार्रवाई के तहत निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियरिंग टीम के लीडर सुरेंद्र कुमार, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को परियोजना से हटाया गया है।
मरम्मत के बाद भी कई जगह सड़क दोबारा खराब होने की शिकायत है। पिछले 24 घंटे में 14 स्थानों पर सड़क धंसने, नालियां धंसने और जलभराव की समस्या सामने आने का दावा किया गया है। रावल गांव के पास डिवाइडर किनारे करीब छह फीट लंबा और चार फीट गहरा गड्ढा भी सामने आया है। वहीं करीब 39.7 किलोमीटर हिस्से में लगभग 100 मीटर सड़क पर पैचवर्क जारी है।
एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता की जांच IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों ने पूरी कर ली है। प्रोफेसर केएस रेड्डी की टीम अपनी रिपोर्ट NHAI मुख्यालय को सौंपेगी। जांच में सड़क के निर्माण, डिजाइन में संभावित बदलाव और मरम्मत की गुणवत्ता समेत कई बिंदुओं को शामिल किया गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि एक्सप्रेस-वे की खराब होती सड़क के लिए वास्तविक जिम्मेदारी किसकी तय होगी और NHAI की कार्रवाई केवल कारण बताओ नोटिस तक सीमित रहेगी या दोषी कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं निवेशकों की नजर भी PNC इंफ्राटेक के शेयर और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।


