नई दिल्ली: फुकेत से दिल्ली (Phuket-Delhi) आ रही Air India की फ्लाइट AI2379 में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई कम होने और 17 यात्रियों व क्रू सदस्यों के घायल होने के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India के आउटगोइंग CEO कैंपबेल विल्सन को मंत्रालय मुख्यालय में तलब किया है। सरकार अब एयरलाइन की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
मंत्रालय के मुताबिक, नागरिक उड्डयन सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) और DGCA के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में Air India से जुड़े सुरक्षा और परिचालन मुद्दों की समीक्षा की गई। AI2379 में हुई घटना भी चर्चा का प्रमुख विषय रही।
Air India की Airbus A320 फ्लाइट AI2379 फुकेत से दिल्ली आ रही थी। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई। शुरुआती तौर पर एयरलाइन ने इसे कुछ समय के लिए हुई तेज टर्बुलेंस से जुड़ी घटना बताया था।
हालांकि, DGCA ने मामले को गंभीर घटना (Serious Incident) की श्रेणी में रखते हुए जांच AAIB को सौंप दी। विमान के Flight Data Recorder (FDR) और Cockpit Voice Recorder (CVR) को सुरक्षित कर लिया गया है।
दिल्ली में लैंडिंग के बाद 13 यात्रियों और 4 केबिन क्रू सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया। एयरलाइन के अनुसार, पांच यात्रियों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य की निगरानी जारी रही। यात्रियों द्वारा साझा किए गए वीडियो में केबिन के अंदर नुकसान और अचानक तेज झटकों के संकेत सामने आने की बात कही गई है।
जांच के दौरान विमान के ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने और हाइड्रोलिक सिस्टम में संभावित गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन तकनीकी समस्याओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ता FDR, CVR और विमान के तकनीकी रिकॉर्ड का विश्लेषण कर घटना का पूरा क्रम निर्धारित करेंगे।
घटना के बाद दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव पदार्थ स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया। कमांडिंग पायलट की शुरुआती रिपोर्ट को अंतिम पुष्टि के लिए लैब भेजा गया है। DGCA ने जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है।


