मथुरा: यूपी के मथुरा (Mathura) में श्रीकृष्ण जन्मस्थान (Shri Krishna Janmasthan) से जुड़े मामले में रविवार 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा (Kar Seva) फिलहाल टल गई है। कारसेवा के ऐलान के बाद प्रशासन और पुलिस की बढ़ी सक्रियता के बीच चित्रगुप्त पीठ आश्रम में मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से लाई गई गुलाबी पत्थर की शिलाओं का हवन-पूजन किया गया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए पूजन में कई संत और धर्माचार्य शामिल हुए।
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 9 अगस्त को कारसेवा करने का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने ‘एक धक्का और दो’ का नारा भी दिया था। कारसेवा की घोषणा के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था।
हालांकि, शनिवार 8 अगस्त की शाम स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने सावन और कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए प्रस्तावित कारसेवा को स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद रविवार को आश्रम में मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से लाई गई गुलाबी पत्थरों की शिलाओं का विधिवत हवन-पूजन किया गया।
संत दिनेश फलाहारी महाराज ने स्पष्ट किया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास स्थित शाही ईदगाह को लेकर फिलहाल किसी तरह की कारसेवा नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला प्रयागराज हाईकोर्ट में विचाराधीन है और हिंदू पक्ष की ओर से सभी साक्ष्य न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। संत ने कहा कि उन्हें संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मामले में फैसला सबूतों के आधार पर होगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अपने-अपने मंदिरों में भजन-कीर्तन करने की अपील की। आश्रम के बाहर सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस-प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
स्वामी सच्चिदानंद महाराज का चित्रगुप्त पीठ आश्रम वृंदावन-राधाकुंड रोड पर स्थित है। यह वृंदावन से करीब 20 किलोमीटर दूर जुलहैंडी गांव से कोन्हाई गांव जाने वाले रास्ते पर लगभग एक किलोमीटर अंदर बना हुआ है। करीब छह बीघा क्षेत्र में बने इस आश्रम में दो गेट हैं। आश्रम परिसर में पूजा स्थल, संत का कमरा, रसोई और अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं। रविवार को यहां गुलाबी पत्थरों की शिलाओं का पूजन किया गया।
कारसेवा के ऐलान के बाद मथुरा पुलिस ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज समेत ब्रज क्षेत्र के कई संतों, साध्वियों और धर्माचार्यों को नोटिस जारी किए थे। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने बताया कि उन्हें मथुरा और वृंदावन पुलिस की ओर से दो नोटिस मिले हैं।
उन्होंने कहा कि नोटिस को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि उनका दावा है कि वे कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं कर रहे हैं। इस बीच कारसेवा स्थगित होने के बाद रविवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र में किसी बड़े प्रदर्शन या कारसेवा के बजाय आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान किया गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगरानी जारी है।


