नई दिल्ली। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर प्रदेश के प्रख्यात बुनकर शाह मुहम्मद अंसारी को प्रतिष्ठित संत कबीर हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान बनारसी बुनाई की समृद्ध परंपरा को संरक्षित और आगे बढ़ाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
शाह मुहम्मद अंसारी ने पारंपरिक बनारसी बुनाई कला को सहेजने के साथ नई पीढ़ी के बुनकरों और युवाओं को इस हुनर से जोड़ने का काम किया है। उनके प्रयासों से इस प्राचीन कला को देश-विदेश में नई पहचान मिली है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से उत्तर प्रदेश के बुनकर और हस्तशिल्प क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पुरस्कार को प्रदेश की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
समारोह में देशभर के बुनकरों और हस्तशिल्पियों के योगदान को भी सराहा गया। शाह मुहम्मद अंसारी को मिला यह सम्मान उन कारीगरों के लिए प्रेरणा है, जो पीढ़ियों से भारतीय कला और संस्कृति की विरासत को अपने हुनर के जरिए जीवित रखे हुए हैं।


