नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। बाहर बारिश के बीच विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया तो अंदर लोकसभा और राज्यसभा में भी जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। लगातार हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारे लगाते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रही। महज करीब चार मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा नहीं थमा। इसी बीच सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से भाग नहीं रही है, लेकिन विपक्ष को भी सदन चलने देना चाहिए। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।
संसद परिसर के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
राज्यसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृहमंत्री की सदन में मौजूदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस विषय पर विपक्ष जवाब मांग रहा है, उस पर गृहमंत्री को सदन में मौजूद रहना चाहिए। किरेन रिजिजू ने दोहराया कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।
दोपहर 12 बजे राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और कुछ ही मिनटों में सदन में शोर बढ़ गया। स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर राज्यसभा की कार्यवाही भी सोमवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लगातार हंगामे से संसद की कार्यवाही प्रभावित होने के बीच अब नजर सोमवार की कार्यवाही पर है। सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष अपने मुद्दों पर तत्काल बहस की मांग पर अड़ा हुआ है।


