गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।”
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों का माहौल सुरक्षित, अनुशासित और नशामुक्त होना चाहिए। यदि छात्रावासों तक टिफिन के माध्यम से मादक पदार्थ पहुंचने जैसी शिकायतें मिल रही हैं, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को हल्के में न लिया जाए। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, छात्रावासों की नियमित निगरानी हो और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री बांटने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यहां से देश का भविष्य तैयार होता है। इसलिए छात्रों को सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
राज्यपाल की सख्त टिप्पणी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, छात्रावासों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।


