लखनऊ
गोमतीनगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। विभवखंड-3 में आवारा कुत्तों ने व्यापारी अनिल उपाध्याय और घरेलू सहायिका सरिता पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सरिता के पैर में कुत्ते के दांत धंसने से काफी खून बहने लगा। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और किसी तरह उन्हें कुत्तों से बचाया। घटना के बाद सरिता ने डर के कारण दोबारा उस मोहल्ले में काम पर आने से इनकार कर दिया है। वहीं, अनिल उपाध्याय भी घर से सामान लेने निकलते समय कुत्तों के हमले का शिकार हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में तीन से चार आक्रामक आवारा कुत्ते लंबे समय से राहगीरों, डिलीवरी बॉय, घरेलू सहायिकाओं और अन्य निवासियों पर हमला कर रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों में भय का माहौल है और वे घर से निकलते समय भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ितों और स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से आक्रामक कुत्तों को तत्काल पकड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को नगर निगम की टीम आक्रामक कुत्तों को पकड़ने के लिए विभवखंड-3 पहुंची, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध कर दिया। विरोध करने वालों ने टीम से कहा कि वे कुत्तों की जिम्मेदारी स्वयं ले रहे हैं और आगे यदि कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी वे ही उठाएंगे। विरोध के चलते नगर निगम की कार्रवाई प्रभावित हुई, जिससे स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
मामले पर क्षेत्रीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही पूरा प्रकरण नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी अभिनव वर्मा को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों के बीच डर का माहौल है और नगर निगम को जल्द प्रभावी समाधान निकालना चाहिए। वहीं, पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि आक्रामक या बीमार आवारा कुत्तों के मामलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


