नवंबर तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर राज्य सरकार से कड़ा जवाब तलब किया है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि अधिसूचना जारी होने के छह महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना सरकार की वैधानिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि यह समय-सीमा नवंबर 2026 में पूरी हो रही है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पूछा कि चुनाव में देरी सरकार के नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों के कारण हुई या सरकार अपने संवैधानिक दायित्व निभाने में विफल रही। अदालत ने सरकार द्वारा दाखिल ई-अभिलेखों की जांच अगली सुनवाई में करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।


